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लेखक: आपका अपना मुसाफिर श्रेणी: ट्रैवल टेक / कैफे कल्चर musafir cafe hindi portable
अगर आपको लगता है कि आप आजाद हैं, मिट्टी से जुड़े हैं (हिंदी के जरिए), और हर जगह कैफे ढूंढ लेते हैं – तो आप पहले से ही इस कैफे के आजीवन सदस्य हैं। तो फिर क्या कहने!
आज हम बात करेंगे उस अनोखे कॉन्सेप्ट की – । ये कोई बिल्डिंग में बना फिजिकल कैफे नहीं है, बल्कि ये एक विचारधारा है। यह उन सभी भटकते दिलों (Musafirs) के लिए है, जो हिंदी में दिल की बात कहना चाहते हैं और जिनका सामान (लैपटॉप/बैग) हमेशा उनके कंधे पर तैयार रहता है। musafir cafe hindi portable
हिंदी पोर्टेबल कैफे होने का फायदा यह है कि यहाँ आती है। जब आप थके-हारे मुसाफिर किसी अंजान शहर में होते हैं और आपको "बिन बुलाए मेहमान" जैसा लगता है, तो यह कैफे आपको एक सियाराम का चायवाला मिल जाता है, जो हिंदी में पूछता है: "कैसे हो? थके हुए लग रहे हो।"
क्या आप भी उस पीढ़ी से ताल्लुक रखते हैं, जिसके लिए कैफे सिर्फ चाय-कॉफी की जगह नहीं, बल्कि एक स्टेट ऑफ माइंड है? और जब इस कैफे में हिंदी की गर्माहट और पोर्टेबल (यानी हल्का-फुल्का, चलता-फिरता) होने की आज़ादी शामिल हो जाए, तो फिर क्या कहने!